ALL >> Entertainment >> View Article
The Black Room – बंद कमरे का रहस्य | Real Horror Story In Hindi
अगर आपको real horror story in hindi पढ़ना पसंद है, जिसमें शुरुआत से अंत तक डर, रहस्य और रोमांच बना रहे, तो यह कहानी आपके लिए है। इस कहानी में जो कुछ भी हुआ, उसने एक पूरे गाँव की सोच बदल दी। कुछ लोग आज भी इसे झूठ मानते हैं, जबकि कुछ लोग दावा करते हैं कि उन्होंने अपनी आँखों से उस हवेली का डर देखा है।
उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव "रामपुर खेड़ा" में एक हवेली थी, जिसे लोग "काली हवेली" कहते थे। लगभग सत्तर साल पुरानी यह हवेली गाँव से थोड़ा दूर एक घने जंगल के किनारे बनी ...
... हुई थी।
दिन में देखने पर यह सिर्फ एक टूटी-फूटी इमारत लगती थी, लेकिन जैसे ही शाम होती, पूरा माहौल बदल जाता।
पेड़ों की शाखाएँ बिना हवा के हिलने लगती थीं।
कौवों की आवाज़ अचानक बंद हो जाती।
और सबसे अजीब बात...
रात के ठीक तीन बजे हवेली के अंदर किसी के चलने की आवाज़ साफ सुनाई देती थी।
गाँव वालों ने उस रास्ते पर जाना वर्षों पहले ही छोड़ दिया था।
दिल्ली में रहने वाला आरव एक फ्रीलांस पत्रकार था। उसे ऐसी जगहों की सच्चाई जानने का शौक था जहाँ लोग जाने से डरते थे।
जब उसने इस हवेली के बारे में इंटरनेट पर पढ़ा, तो उसे लगा कि यह सिर्फ एक horror story in hindi जैसी अफवाह होगी।
उसने कैमरा उठाया और अगले ही दिन गाँव पहुँच गया।
गाँव वालों ने उसे बहुत समझाया।
"बेटा, दिन में जितना घूमना है घूम लो...
लेकिन रात मत रुकना।"
आरव ने मुस्कुराकर जवाब दिया—
"अगर डर से भागूँगा तो सच कभी नहीं मिलेगा।"
शाम होने लगी।
सूरज धीरे-धीरे पेड़ों के पीछे छिप गया।
आरव ने हवेली का मुख्य दरवाज़ा खोला।
लोहे का भारी दरवाज़ा इतनी तेज़ आवाज़ के साथ खुला कि पूरा जंगल गूँज उठा।
अंदर धूल ही धूल थी।
दीवारों पर पुराने चित्र टंगे हुए थे।
कुछ तस्वीरों में लोगों के चेहरे खुरचे हुए थे।
सीढ़ियों के पास एक टूटी हुई घड़ी पड़ी थी।
उसकी सुइयाँ ठीक तीन बजे पर रुकी हुई थीं।
आरव ने उसे उठाया।
जैसे ही उसने घड़ी हाथ में ली...
ऊपर से किसी बच्चे के दौड़ने की आवाज़ आई।
धड़...
धड़...
धड़...
वह तुरंत ऊपर भागा।
लेकिन वहाँ कोई नहीं था।
सिर्फ धूल में छोटे-छोटे पैरों के निशान बने हुए थे।
निशान एक बंद कमरे तक जाकर खत्म हो रहे थे।
कमरे का दरवाज़ा लाल रंग का था।
उस पर किसी ने कोयले से लिखा था—
"मत खोलना।"
आरव ने दरवाज़े को धक्का दिया।
दरवाज़ा धीरे-धीरे खुल गया।
अंदर एक पुरानी लकड़ी की कुर्सी थी।
एक बड़ा आईना।
और एक डायरी।
कमरे में अजीब ठंड थी।
ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने अभी-अभी बर्फ रखी हो।
उसने डायरी खोली।
पहले पन्ने पर लिखा था—
*"अगर तुम यह पढ़ रहे हो...
तो शायद अब बहुत देर हो चुकी है।"*
आरव मुस्कुराया।
उसे लगा कोई मज़ाक कर रहा है।
लेकिन अगले ही पल...
आईने में उसे अपने पीछे एक लड़की दिखाई दी।
सफेद कपड़े...
लंबे बाल...
और आँखों की जगह सिर्फ काला अंधेरा।
वह तुरंत पीछे मुड़ा।
कमरा खाली था।
डायरी में लिखा था कि लगभग पचास साल पहले इस हवेली में ठाकुर रणवीर सिंह अपने परिवार के साथ रहते थे।
उनकी एक बेटी थी—
मीरा।
मीरा को संगीत से बहुत प्यार था।
लेकिन ठाकुर उसकी शादी ज़बरदस्ती एक बूढ़े ज़मींदार से करवाना चाहता था।
मीरा ने विरोध किया।
एक रात वह अचानक गायब हो गई।
परिवार ने पूरे गाँव में खबर फैला दी कि वह भाग गई।
लेकिन सच्चाई किसी को नहीं पता चली।
डायरी के आखिरी पन्ने पर सिर्फ एक लाइन लिखी थी—
"मीरा कभी इस हवेली से बाहर नहीं गई..."
आरव के हाथ काँप गए।
घड़ी में बारह बजे।
पूरी हवेली में अचानक सन्नाटा छा गया।
फिर...
किसी ने बहुत धीरे से उसका नाम लिया।
"आरव..."
उसने टॉर्च घुमाई।
कोई नहीं।
आवाज़ फिर आई।
"पीछे मत देखना..."
उसका दिल तेज़ी से धड़कने लगा।
लेकिन इंसानी स्वभाव...
उसने पीछे देखा।
वहाँ वही लड़की खड़ी थी।
इस बार उसकी मुस्कान और भी डरावनी थी।
उसके पैर ज़मीन से लगभग एक फुट ऊपर थे।
आरव का कैमरा अपने आप रिकॉर्ड होने लगा।
स्क्रीन पर सिर्फ एक शब्द दिखाई दिया—
RUN
लेकिन उसके पैर जैसे ज़मीन से चिपक गए थे।
अचानक लड़की गायब हो गई।
कमरे की लकड़ी की अलमारी अपने आप खुली।
उसके पीछे नीचे जाने वाली सीढ़ियाँ थीं।
आरव ने टॉर्च नीचे डाली।
सीढ़ियाँ बहुत गहरी थीं।
नीचे से किसी के रोने की आवाज़ आ रही थी।
वह धीरे-धीरे उतरने लगा।
हर सीढ़ी पर धूल थी।
लेकिन बीच-बीच में ताज़े पैरों के निशान बने हुए थे।
ऐसा लग रहा था कि कोई अभी कुछ मिनट पहले ही नीचे गया हो।
नीचे पहुँचते ही उसकी टॉर्च झिलमिलाने लगी।
सामने एक लोहे का बड़ा दरवाज़ा था।
दरवाज़े पर जंग लगा हुआ था।
उसने जैसे ही उसे खोला...
एक तेज़ बदबू पूरे कमरे में फैल गई।
दीवारों पर लोहे की ज़ंजीरें लटक रही थीं।
और बीच में...
एक पुरानी लकड़ी की कुर्सी रखी थी।
कुर्सी के नीचे ज़मीन पर किसी ने नाखूनों से लिखा था—
"मुझे बाहर निकालो..."
आरव का गला सूख गया।
उसी समय...
पीछे से किसी ने उसके कंधे पर हाथ रख दिया।
उसने धीरे-धीरे गर्दन घुमाई...
और जो उसने देखा...
उसे देखकर उसकी चीख पूरे तहखाने में गूँज उठी...
(जारी...)
पूरी कहानी पढ़ने के लिए यहाँ जाएँ:
https://unexpectedstories.in
Add Comment
Entertainment Articles
1. Indian Iptv: Bringing Regional Indian Television To Canadian HomesAuthor: Vois IPTV
2. The Unclaimed Suitcase – स्टेशन पर पड़ा आखिरी सूटकेस
Author: Divant Sharma
3. Music Clipping Campaign: Scaling Audio Hooks For Feeds
Author: Jennifer White
4. The Clock That Stopped Time – वह घड़ी जो समय रोक देती थी
Author: Divant Sharma
5. Where To Watch Saanvi Movie: Stream Saanvi Now On Dynoxe
Author: Arun Konda
6. The Photograph From Tomorrow – कल की तस्वीर
Author: Divant Sharma
7. Room 309 – बंद होटल का कमरा
Author: Divant Sharma
8. The Importance Of The Best Public Relations Firms In India
Author: ihorizoncommunications
9. Snow Rider Game
Author: Snow Rider
10. Block Blast Free
Author: Block Blast Free
11. The Thirteenth Floor – तेरहवीं मंज़िल की लिफ्ट
Author: Divant Sharma
12. How Hoola Can Transform Corporate Events In Karachi
Author: Muhammad Usman
13. Slope: A Reflex Challenge Above The Clouds
Author: Jack Fox
14. The Man In The Mirror – आईने में दिखने वाला आदमी
Author: Divant Sharma
15. The 2048 Game
Author: Yardley Chandler






