123ArticleOnline Logo
Welcome to 123ArticleOnline.com!
ALL >> Entertainment >> View Article

The Clock That Stopped Time – वह घड़ी जो समय रोक देती थी

Profile Picture
By Author: Divant Sharma
Total Articles: 33
Comment this article
Facebook ShareTwitter ShareGoogle+ ShareTwitter Share

शहर के पुराने बाज़ार में एक छोटी-सी घड़ी की दुकान थी।

आरव वहाँ अपनी दादाजी की पुरानी घड़ी ठीक करवाने गया।

दुकानदार ने घड़ी हाथ में लेते ही पूछा—

"यह घड़ी तुम्हें कहाँ मिली?"

आरव ने कहा—

"मेरे दादाजी की है।"

दुकानदार कुछ पल चुप रहा।

फिर बोला—

"इसे ठीक करवाने की कोशिश मत करना।"

आरव हँस पड़ा।

"क्यों?"

दुकानदार ने घड़ी वापस कर दी।

"क्योंकि यह समय बताती नहीं है..."

उसने धीरे से कहा—

"समय रोकती है।"

आरव ने इसे मज़ाक ...
... समझा।

घर पहुँचकर उसने घड़ी को चाबी दी।

सुइयाँ चलने लगीं।

रात के 10:15 बजे थे।

अचानक घड़ी की सुइयाँ 10:16 पर रुक गईं।

उसी पल...

घर की सारी आवाज़ें बंद हो गईं।

पंखा रुक गया।

बाहर चल रही गाड़ियों की आवाज़ गायब हो गई।

यहाँ तक कि खिड़की के बाहर बारिश की बूंद भी हवा में रुकी हुई दिखाई दी।

आरव डर गया।

उसने घड़ी की सुई पीछे घुमाई।

जैसे ही उसने 10:15 किया...

सब कुछ फिर सामान्य हो गया।

अगली रात उसने जानबूझकर वही किया।

10:16 पर घड़ी रोकी।

फिर पूरा कमरा शांत हो गया।

इस बार आरव ने घर से बाहर कदम रखा।

सड़क पर लोग बिल्कुल स्थिर थे।

कारें रुकी हुई थीं।

एक कुत्ता हवा में छलांग लगाए हुए था।

आरव कुछ कदम आगे बढ़ा।

तभी उसे सड़क के दूसरी तरफ एक आदमी दिखाई दिया।

वह चल रहा था।

आरव रुक गया।

वह आदमी भी रुक गया।

फिर उसने कहा—

"तुम्हें यह घड़ी नहीं चलानी चाहिए थी।"

आरव ने पूछा—

"तुम कौन हो?"

आदमी बोला—

"जिसने इसे आखिरी बार चलाया था।"

आदमी ने बताया कि घड़ी जब भी समय रोकती है, दुनिया कुछ सेकंड के लिए नहीं...

कई घंटों के लिए रुक जाती है।

लेकिन घड़ी चलाने वाला व्यक्ति ही उस रुके हुए समय में चल सकता है।

आरव ने पूछा—

"फिर तुम यहाँ क्यों हो?"

आदमी मुस्कुराया।

"क्योंकि मैंने घड़ी कभी वापस नहीं चलाई।"

आरव ने घड़ी देखी।

सुइयाँ 10:16 पर थीं।

उसने पूछा—

"कितने साल हुए?"

आदमी ने जवाब दिया—

"सत्ताईस साल।"

आरव घबराकर घर की तरफ भागा।

उसने घड़ी को 10:17 पर करने की कोशिश की।

लेकिन सुइयाँ हिली ही नहीं।

उसी समय उसके पीछे से वही आदमी आया।

उसने कहा—

"अब यह घड़ी तुम्हारी है।"

आरव ने पूछा—

"और मैं?"

आदमी ने उसकी तरफ देखा।

"तुम अब समय का हिस्सा नहीं हो।"

सुबह आरव की माँ ने उसे घर में ढूँढा।

वह कहीं नहीं था।

मेज पर सिर्फ़ दादाजी की पुरानी घड़ी पड़ी थी।

उसकी सुइयाँ 10:16 पर रुकी थीं।

कुछ दिनों बाद वही घड़ी उसी पुरानी दुकान पर पहुँच गई।

दुकानदार ने उसे देखते ही पहचान लिया।

उसने घड़ी को उठाया और पीछे लिखा नाम पढ़ा—

आरव।

दुकानदार ने घड़ी वापस दराज़ में रख दी।

फिर दुकान बंद कर दी।

अगली सुबह दुकान खोलते समय उसे दरवाज़े के बाहर एक नया ग्राहक मिला।

एक छोटा लड़का।

उसके हाथ में वही घड़ी थी।

लड़के ने पूछा—

"अंकल, इसे ठीक कर देंगे?"

दुकानदार ने घड़ी देखी।

और पहली बार उसके चेहरे पर डर दिखाई दिया।

क्योंकि घड़ी की सुइयाँ अब...

10:17 पर चल रही थीं।

इस घटना को कुछ लोग real horror story in hindi कहते हैं, जबकि ऐसी घड़ी का कोई प्रमाणित रिकॉर्ड नहीं है।

लेकिन पुरानी दुकान के बारे में एक अफवाह आज भी सुनाई जाती है।

कहा जाता है कि वहाँ आने वाली कुछ घड़ियाँ समय नहीं बतातीं...

किसी इंसान की आखिरी घड़ी तय करती हैं।

ऐसी horror story in hindi में सबसे डरावनी चीज़ भूत नहीं, बल्कि समय है।

क्योंकि समय रुक जाए तो शायद दुनिया रुक सकती है...

लेकिन सवाल यह है—

जो इंसान समय के बाहर चला जाए, वह वापस कैसे आएगा?

और शायद यही वजह है कि ऐसी unexpected stories सुनने के बाद लोग पुरानी घड़ियों को सिर्फ़ एक वस्तु नहीं समझते।

पूरी कहानी पढ़ने के लिए यहाँ जाएँ:
Unexpected stories.in

Total Views: 72Word Count: 528See All articles From Author

Add Comment

Entertainment Articles

1. Gauri Spratt Biography: From Fashion And Photography To Beauty Business
Author: thenetworthbio

2. Why Baby Shower Event Planners Are Trending Today
Author: partyplannet

3. Dinosaur Game Online: Simple Gameplay, Endless Challenge
Author: Noah Hayes

4. What Services Does An Event Management Company In Mumbai Offer
Author: partyplannet

5. The Last Fuel Stop – रात का आखिरी पेट्रोल पंप
Author: Divant Sharma

6. Avid Learning Upcoming Events & Workshops In October 2026
Author: Avid Learning

7. Best Party Rental Services In Florida For Outdoor Celebrations
Author: Kids Fairyland

8. The Midnight Elevator – आधी रात की लिफ्ट
Author: Divant Sharma

9. Who Is Kangna Sharma?
Author: thenetworthbio

10. The Last Show – आखिरी शो का टिकट
Author: Divant Sharma

11. Indian Iptv: Bringing Regional Indian Television To Canadian Homes
Author: Vois IPTV

12. The Unclaimed Suitcase – स्टेशन पर पड़ा आखिरी सूटकेस
Author: Divant Sharma

13. Music Clipping Campaign: Scaling Audio Hooks For Feeds
Author: Jennifer White

14. Where To Watch Saanvi Movie: Stream Saanvi Now On Dynoxe
Author: Arun Konda

15. The Photograph From Tomorrow – कल की तस्वीर
Author: Divant Sharma

Login To Account
Login Email:
Password:
Forgot Password?
New User?
Sign Up Newsletter
Email Address: