123ArticleOnline Logo
Welcome to 123ArticleOnline.com!
ALL >> Entertainment >> View Article

The Doll Maker – गुड़िया बनाने वाला

Profile Picture
By Author: Divem Sharma
Total Articles: 41
Comment this article
Facebook ShareTwitter ShareGoogle+ ShareTwitter Share

पुराने शहरों की तंग गलियों में कई ऐसी दुकानें होती हैं जिन्हें लोग दिन में भी नज़रअंदाज़ कर देते हैं। कुछ दुकानें समय के साथ बंद हो जाती हैं, लेकिन उनके बारे में फैली कहानियाँ कभी खत्म नहीं होतीं। ऐसी ही एक दुकान थी, जिसके बाहर एक जंग लगा बोर्ड टंगा था—

"मोहन डॉल हाउस – 1948"
लोग कहते थे कि इस दुकान में बनने वाली हर गुड़िया किसी न किसी असली इंसान से मिलती-जुलती थी। और अगर कोई गुड़िया रात भर दुकान के अंदर रह जाए...
तो सुबह उसकी आँखें बदल चुकी ...
... होती थीं।
आज की real horror story in hindi उसी रहस्यमयी दुकान की कहानी है।

पुरानी बाज़ार की गली
वाराणसी के पुराने इलाके में एक बेहद संकरी गली थी।
दिन के समय भी वहाँ मुश्किल से धूप पहुँचती थी।
उसी गली के आखिर में लकड़ी की एक पुरानी दुकान थी।
अजीब बात यह थी कि आसपास की सारी दुकानें शाम सात बजे बंद हो जाती थीं...
लेकिन इस दुकान के अंदर पूरी रात हल्की पीली रोशनी जलती रहती थी।

नील की तलाश
नील एक फोटोग्राफर था जिसे पुराने शहरों की तस्वीरें लेना पसंद था।
एक दिन उसने उस दुकान की फोटो लेने की कोशिश की।
जैसे ही कैमरा उठाया...
दुकान का दरवाज़ा अपने आप खुल गया।
अंदर से एक बूढ़ी आवाज़ आई—
"आ ही गए...
मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रहा था।"
नील धीरे-धीरे अंदर चला गया।

लकड़ी की खुशबू
दुकान के अंदर सैकड़ों गुड़ियाएँ रखी थीं।
कुछ हँस रही थीं।
कुछ रो रही थीं।
कुछ की आँखें बंद थीं।
कुछ सीधे उसकी तरफ देख रही थीं।
बीच में एक बूढ़ा आदमी लकड़ी तराश रहा था।
उसने बिना ऊपर देखे कहा—
"हर इंसान की एक गुड़िया होती है...
बस उसे ढूँढना पड़ता है।"
नील मुस्कुराया।
उसे लगा कोई कलाकार अपनी कला की बात कर रहा है।
लेकिन कुछ ही मिनटों में उसे महसूस हुआ कि यह किसी साधारण horror story in hindi जैसी जगह नहीं थी।

बिल्कुल उसी जैसा चेहरा
बूढ़ा आदमी धीरे-धीरे एक कपड़ा हटाता है।
नील की साँसें रुक जाती हैं।
सामने रखी गुड़िया...
उसके जैसी थी।
वही चेहरा।
वही आँखें।
वही कपड़े।
यहाँ तक कि उसकी कलाई पर बना छोटा-सा निशान भी।
नील ने घबराकर पूछा—
"यह कैसे संभव है?"
बूढ़ा सिर्फ मुस्कुराया।
"मैं चेहरा नहीं बनाता...
मैं भविष्य बनाता हूँ।"

बंद दरवाज़ा
नील तुरंत बाहर निकलने लगा।
लेकिन दुकान का दरवाज़ा खुल नहीं रहा था।
बाहर सड़क दिखाई दे रही थी।
लोग भी चल रहे थे।
लेकिन दरवाज़ा जैसे पत्थर का बन चुका था।
उसी समय पीछे रखी सभी गुड़ियाओं के सिर धीरे-धीरे उसकी तरफ घूम गए।
कमरे का तापमान अचानक बहुत कम हो गया।
कई लोग ऐसी घटनाओं को सिर्फ short horror story in hindi समझकर पढ़ते हैं, लेकिन जब हर खिलौना तुम्हें देखने लगे, तब डर का असली मतलब समझ आता है।

पुरानी रजिस्टर
नील को मेज़ पर एक मोटा रजिस्टर मिला।
उसमें पिछले पचास वर्षों के ग्राहकों के नाम लिखे थे।
हर नाम के सामने एक तारीख थी।
और नीचे एक शब्द—
"पूर्ण"
आखिरी पन्ने पर सिर्फ एक नाम लिखा था—
नील
तारीख आज की थी।
बाकी जगह खाली थी।
जैसे कोई आगे लिखने वाला हो।

आधी रात का काम
घड़ी में बारह बजते ही बूढ़ा आदमी फिर से लकड़ी तराशने लगा।
लेकिन इस बार उसके हाथों में लकड़ी नहीं थी।
वह नील की गुड़िया पर काम कर रहा था।
जैसे-जैसे वह छेनी चलाता...
नील के शरीर में दर्द होने लगता।
गुड़िया के गाल पर एक खरोंच बनी।
नील के चेहरे से भी खून निकल आया।
उसने पहली बार समझा...
दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
यहीं से इस mystery story hindi का सबसे भयानक रहस्य सामने आया।

दुकान का तहखाना
भागते हुए नील नीचे तहखाने में पहुँचा।
वहाँ हजारों पुरानी गुड़ियाएँ रखी थीं।
हर गुड़िया के गले में एक नाम लिखा था।
कुछ नामों के नीचे तस्वीरें भी थीं।
वे सभी लोग वर्षों पहले लापता घोषित किए जा चुके थे।
तहखाने के बीचों-बीच एक बड़ा शीशा रखा था।
नील ने उसमें देखा।
लेकिन इस बार उसका प्रतिबिंब नहीं था।
उसकी जगह लकड़ी की वही गुड़िया खड़ी थी।
और असली नील...
शीशे के अंदर कैद था।

आखिरी सौदा
बूढ़ा धीरे-धीरे तहखाने में आया।
उसने कहा—
"हर सौ साल बाद मुझे एक नया कारीगर चाहिए।
आज से यह दुकान तुम्हारी है।"
नील चिल्लाया।
लेकिन आवाज़ बाहर नहीं गई।
एक-एक करके सभी गुड़ियाएँ हँसने लगीं।
उनकी हँसी पूरे तहखाने में गूँजने लगी।

अगली सुबह
सुबह बाज़ार खुला।
लोगों ने देखा कि दुकान पहले की तरह खुली हुई थी।
अंदर वही पुरानी गुड़ियाएँ रखी थीं।
लेकिन काउंटर के पीछे बूढ़ा आदमी नहीं था।
अब वहाँ एक युवा लड़का बैठा था।
उसका चेहरा बिल्कुल नील जैसा था।
वह मुस्कुराकर हर आने वाले ग्राहक से सिर्फ एक बात कह रहा था—
"अंदर आइए...
मैं आपकी जैसी एक गुड़िया बनाना चाहता हूँ।"
कई महीनों बाद नील को लापता घोषित कर दिया गया।
लेकिन जो लोग आज भी उस दुकान में जाते हैं, वे बताते हैं कि काउंटर के पीछे बैठा युवक कभी बूढ़ा नहीं होता।
और हर साल दुकान में एक नई गुड़िया दिखाई देने लगती है।
अगर कभी किसी पुरानी दुकान में तुम्हारे चेहरे जैसी गुड़िया दिखाई दे...
तो उसे खरीदने की गलती मत करना।
क्योंकि कुछ खिलौने खेलने के लिए नहीं बनाए जाते...
वे किसी की जगह लेने के लिए बनाए जाते हैं।
इसी वजह से लोग इसे सिर्फ एक suspense story hindi नहीं, बल्कि शहर की सबसे डरावनी दास्तानों में से एक मानते हैं।

पूरी कहानी पढ़ने के लिए यहाँ जाएँ:
Unexpected stories.in

#real horror story in hindi
#horror story in hindi
#short horror story in hindi
#mystery story hindi
#suspense story hindi

Total Views: 208Word Count: 798See All articles From Author

Add Comment

Entertainment Articles

1. Movie Theatres In Muscat: Enjoy The Ultimate Cinema Experience
Author: Shan globo

2. The Wedding Guest Nobody Invited – शादी में आया वह मेहमान जिसे किसी ने नहीं बुलाया
Author: Divant Sharma

3. Need A Corporate Event Planner In Mumbai? Read This
Author: partyplannet

4. The Lift That Opened Into The Past – वह लिफ्ट जो अतीत में खुलती थी
Author: Divant Sharma

5. Pre-wedding Shoot Tips: How To Plan A Stress-free Couple Photoshoot
Author: Simble Studio

6. The Mirror That Showed A Stranger – वह आईना जिसमें कोई अजनबी दिखता था
Author: Divant Sharma

7. The Last Passenger In The Taxi – टैक्सी में बैठा आखिरी मुसाफ़िर
Author: Divant Sharma

8. What Makes Mamitha Baiju's On-screen Performances Connect With Audiences?
Author: thenetworthbio

9. The Photograph Taken Tomorrow – कल खींची गई तस्वीर
Author: Divant Sharma

10. Music Clipping Campaign Plan: Grow Track Streaming
Author: Jennifer White

11. Horror Games: Every Shadow Hides A Nightmare
Author: dfgfdfdf

12. The Voice From The Water Tank – पानी की टंकी से आती आवाज़
Author: Divant Sharma

13. Sp Audio Amplifier For Professional Sound Systems | Glabs
Author: Glabs

14. India’s Premium Spirits Industry: Heritage, Innovation And The Rise Of Virasat
Author: Ajay

15. The Temple That Answered Prayers – वह मंदिर जो हर प्रार्थना का जवाब देता था
Author: Divant Sharma

Login To Account
Login Email:
Password:
Forgot Password?
New User?
Sign Up Newsletter
Email Address: