123ArticleOnline Logo
Welcome to 123ArticleOnline.com!
ALL >> Entertainment >> View Article

The Cursed Village – नक्शे से गायब गाँव

Profile Picture
By Author: Divant
Total Articles: 11
Comment this article
Facebook ShareTwitter ShareGoogle+ ShareTwitter Share

भारत में आज भी कई ऐसे गाँव हैं जो समय के साथ वीरान हो चुके हैं। कुछ जगहों को लोग प्राकृतिक आपदा का परिणाम मानते हैं, जबकि कुछ गाँव ऐसे भी हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि उन्हें किसी श्राप ने निगल लिया। आज की real horror story in hindi एक ऐसे गाँव की है जिसका नाम अब किसी सरकारी नक्शे में नहीं मिलता, लेकिन रात के अंधेरे में वहाँ आज भी चूल्हों का धुआँ उठता दिखाई देता है।

अजीब जानकारी
अनिकेत एक इतिहास शोधकर्ता था। उसे पुराने गाँवों और भूली हुई बस्तियों के ...
... बारे में जानकारी इकट्ठा करने का शौक था।
एक दिन उसे एक बेहद पुराना नक्शा मिला।
उस नक्शे में "कुंडेश्वर" नाम का एक गाँव बना हुआ था।
लेकिन जब उसने नए नक्शे देखे, तो उस जगह पर सिर्फ घना जंगल दिखाई देता था।
जिज्ञासा बढ़ी, और उसने वहाँ जाने का फैसला किया।

गाँव की सीमा
शाम ढलते-ढलते अनिकेत जंगल पार करके उस जगह पहुँचा।
वहाँ टूटा हुआ पत्थर का एक बोर्ड पड़ा था।
उस पर मुश्किल से पढ़ा जा सकता था—
"कुंडेश्वर में आपका स्वागत है।"
कुछ कदम आगे बढ़ते ही उसे पुराने मिट्टी के घर दिखाई देने लगे।
चूल्हों से धुआँ निकल रहा था।
बच्चे खेल रहे थे।
महिलाएँ कुएँ से पानी भर रही थीं।
सब कुछ बिल्कुल सामान्य लग रहा था।
लेकिन सबसे अजीब बात यह थी कि पूरे गाँव में कोई आवाज़ नहीं थी।
न बच्चों की हँसी।
न लोगों की बातें।
सब कुछ बिना आवाज़ के हो रहा था।

बूढ़ा आदमी
गाँव के बीचों-बीच एक बूढ़ा आदमी चारपाई पर बैठा था।
उसने अनिकेत को देखते ही कहा,
"तुम सूरज डूबने के बाद आए हो...
अब सुबह होने तक यहाँ से नहीं जा सकते।"
अनिकेत ने पूछा,
"क्यों?"
बूढ़ा मुस्कुराया।
"क्योंकि रास्ता अब तुम्हें नहीं पहचानता।"
अनिकेत को उसकी बात समझ नहीं आई।
उसे लगा कि शायद गाँव वाले बाहरी लोगों से ऐसे ही मज़ाक करते होंगे।
लेकिन धीरे-धीरे उसे महसूस होने लगा कि यह किसी साधारण horror story in hindi जैसी घटना नहीं थी।

बिना परछाई के लोग
चलते-चलते उसने देखा कि गाँव में मौजूद किसी भी इंसान की परछाई ज़मीन पर नहीं पड़ रही थी।
सूरज की आखिरी रोशनी अभी भी मौजूद थी।
लेकिन कोई छाया नहीं।
उसने कैमरे से वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया।
कैमरे की स्क्रीन पर पूरा गाँव खाली दिखाई दे रहा था।
जिन लोगों को वह अपनी आँखों से देख रहा था...
वे कैमरे में मौजूद ही नहीं थे।
उसकी धड़कनें तेज़ हो गईं।

बंद मंदिर
गाँव के आखिर में एक छोटा-सा मंदिर था।
दरवाज़ा खुला हुआ था।
अंदर एक पुरानी घंटी लटक रही थी।
मंदिर की दीवारों पर सैकड़ों नाम लिखे हुए थे।
आखिरी नाम पढ़ते ही अनिकेत चौंक गया।
वहाँ उसका अपना नाम लिखा था।
और उसके नीचे आज की तारीख।
उसी समय मंदिर की घंटी अपने आप बज उठी।
कई लोग ऐसी घटनाओं को सिर्फ short horror story in hindi समझकर भूल जाते हैं, लेकिन उस पल अनिकेत को यकीन हो गया कि वह किसी बहुत बड़े रहस्य में फँस चुका है।

गाँव का इतिहास
मंदिर के पीछे एक पुरानी तांबे की पेटी रखी थी।
उसमें कुछ कागज़ और एक डायरी मिली।
डायरी में लिखा था कि लगभग सौ साल पहले पूरे गाँव में एक भयानक बीमारी फैल गई थी।
किसी को भी गाँव छोड़ने की अनुमति नहीं दी गई।
कुछ ही दिनों में पूरा गाँव खत्म हो गया।
सरकार ने गाँव को नक्शे से हटा दिया।
लेकिन गाँव वालों की आत्माएँ कभी उस जगह से नहीं गईं।
वे आज भी हर रात उसी जीवन को दोहराती हैं जो उनकी आखिरी रात थी।
यहीं से इस mystery story hindi का असली रहस्य सामने आता है।

रात के बारह बजे
घड़ी ने बारह बजाए।
अचानक पूरा गाँव जीवित हो उठा।
अब लोगों की आवाज़ें आने लगीं।
बच्चे दौड़ रहे थे।
ढोल बज रहे थे।
घरों में रोशनी जल गई।
लेकिन कुछ ही सेकंड बाद सभी लोग एक साथ रुक गए।
धीरे-धीरे उन्होंने अपना सिर घुमाकर अनिकेत की तरफ देखा।
उनकी आँखें पूरी तरह सफेद थीं।
कोई पलक नहीं झपक रही थी।
बूढ़ा आदमी फिर उसके सामने आ गया।
उसने कहा,
"अब तुम भी हमारे गाँव के हो।"

भागने की कोशिश
अनिकेत पूरी ताकत से जंगल की तरफ भागा।
लेकिन हर रास्ता उसे वापस उसी गाँव में ले आता।
कुएँ के पास...
मंदिर के सामने...
या उसी बूढ़े आदमी के घर के बाहर।
ऐसा लग रहा था जैसे पूरा गाँव उसके साथ खेल रहा हो।
आखिरकार उसे दूर एक पुराना लोहे का फाटक दिखाई दिया।
वह दौड़कर वहाँ पहुँचा।
जैसे ही उसने फाटक पार किया...
सब कुछ गायब हो गया।
न गाँव।
न घर।
न लोग।
सिर्फ घना जंगल।

क्या वह सच में बच गया?
सुबह अनिकेत किसी तरह शहर लौट आया।
उसने कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी।
पूरे वीडियो में वह अकेला जंगल में चलता हुआ दिखाई दे रहा था।
लेकिन आखिरी फ्रेम में उसके पीछे पूरा गाँव खड़ा था।
सैकड़ों लोग।
सभी मुस्कुरा रहे थे।
और सबसे आगे वही बूढ़ा आदमी।
वीडियो खत्म होने से पहले उसने सिर्फ एक बात कही—
"अगली अमावस्या को फिर मिलेंगे..."
आज भी उस जंगल से गुजरने वाले कुछ लोग रात के समय दूर टिमटिमाती रोशनियाँ देखने का दावा करते हैं।
अगर कभी आपको किसी नक्शे में ऐसा गाँव दिखाई दे जो आज मौजूद नहीं है, तो वहाँ जाने की गलती मत करना।
क्योंकि कुछ गाँव इतिहास में नहीं खोते...
वे बस अपने अगले मेहमान का इंतज़ार करते रहते हैं।
शायद यही वजह है कि लोग इसे सिर्फ एक suspense story hindi नहीं, बल्कि भारत की सबसे डरावनी लोककथाओं में से एक मानते हैं।

Total Views: 1Word Count: 811See All articles From Author

Add Comment

Entertainment Articles

1. Locate The Top Cbse School Near Sankrail Using Google Map For Admissions
Author: Siya

2. U4gm Reports Helldivers 2's New Hive Guard Tuning
Author: Helldivers 2 Items

3. The Doll Maker – गुड़िया बनाने वाला
Author: Divem Sharma

4. Crossy Road Review: The Arcade Classic That Turns Every Crossing Into A Challenge
Author: Shuwma

5. The Forgotten Lighthouse – भूला हुआ लाइटहाउस
Author: Divant

6. The Abandoned School – बंद स्कूल की आखिरी घंटी
Author: Divem Sharma

7. How To Book Affordable Corporate Travel
Author: Sophia Rodric

8. U4gm Tips For Scoping The Gta V Kortz Center Heist
Author: mary

9. Top Baby Shower Planning Services For Busy Moms-to-be
Author: partyplannet

10. Corporate Event Planners In Mumbai For Flawless Days
Author: partyplannet

11. Mumbai Monsoon Magic: Best Things To Do In The Rainy Season That'll Make Your Memories Unforgettable
Author: Zingverse

12. Why An In Studio Family Session Winnipeg Is Perfect For Timeless Family Portraits
Author: Basu Photography Services

13. Why Anniversary Parties In Westchester Ny Deserve The Perfect Venue
Author: Daniel Coughlan

14. A Free Web Tool Turns Any Name Into A Stranger Things-style Title Card
Author: Jeffery Harper

15. The Cursed Hospital – बंद अस्पताल की आखिरी रात
Author: Divant

Login To Account
Login Email:
Password:
Forgot Password?
New User?
Sign Up Newsletter
Email Address: