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The Midnight Lift – 13वीं मंज़िल का रहस्य

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By Author: Divem Sharma
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हर बड़ी इमारत की अपनी कोई न कोई कहानी होती है। लेकिन शहर के बीचों-बीच बनी "स्काई हाइट्स" नाम की बीस मंज़िला इमारत की कहानी सबसे अलग थी। लोग कहते थे कि आधी रात के बाद उसकी लिफ्ट अपने आप चलने लगती है और हमेशा उस मंज़िल पर जाकर रुकती है जो इमारत के नक्शे में मौजूद ही नहीं थी।

कई लोग इसे अफवाह मानते थे, लेकिन वहाँ रहने वाले लोग रात के बारह बजे के बाद लिफ्ट का इस्तेमाल कभी नहीं करते थे।

आज की real horror story in hindi उसी रहस्यमयी लिफ्ट की कहानी है।

नई नौकरी, ...
... नई इमारत

अमन एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। उसे नई नौकरी मिलने के बाद कंपनी की तरफ से इसी इमारत में रहने के लिए एक फ्लैट मिला।

इमारत बाहर से बेहद आधुनिक थी।

बड़ा लॉबी, चमकदार फर्श, तेज़ लिफ्ट और 24 घंटे सुरक्षा।

लेकिन पहले ही दिन चौकीदार ने उससे कहा—

"अगर रात के बाद लिफ्ट में सिर्फ तुम हो और वह अपने आप 13वीं मंज़िल पर रुक जाए...

तो बाहर मत निकलना।"

अमन हँस पड़ा।

उसे लगा कि चौकीदार नए लोगों के साथ मज़ाक करता होगा।

पहली रात

उस रात अमन देर से ऑफिस से लौटा।

घड़ी में 12:20 बज रहे थे।

पूरी बिल्डिंग शांत थी।

वह लिफ्ट में चढ़ा और 18वीं मंज़िल का बटन दबाया।

दरवाज़ा बंद हुआ।

लिफ्ट ऊपर जाने लगी।

अचानक सारी लाइट कुछ सेकंड के लिए बंद हो गई।

फिर डिस्प्ले पर एक अजीब नंबर चमका—

13

अमन हैरान था।

इस इमारत में 13वीं मंज़िल थी ही नहीं।

फिर लिफ्ट वहाँ कैसे रुक सकती थी?

धीरे-धीरे दरवाज़ा खुला।

बाहर लंबा अंधेरा गलियारा था।

दीवारों पर पुराने बल्ब जल रहे थे।

अमन बाहर नहीं निकला।

कुछ सेकंड बाद दरवाज़ा अपने आप बंद हो गया।

लिफ्ट सीधे 18वीं मंज़िल पर पहुँच गई।

सीसीटीवी का सच

अगले दिन उसने सिक्योरिटी ऑफिस में जाकर सीसीटीवी फुटेज देखने की ज़िद की।

गार्ड ने पहले मना किया।

लेकिन बाद में रिकॉर्डिंग दिखाई।

फुटेज देखकर अमन के पैरों तले ज़मीन खिसक गई।

वीडियो में लिफ्ट 13वीं मंज़िल पर रुकी ही नहीं थी।

लेकिन लिफ्ट के अंदर अमन अकेला भी नहीं था।

उसके पीछे सफेद कपड़ों में एक बूढ़ी महिला खड़ी थी।

असलियत में उसने किसी को नहीं देखा था।

उसे पहली बार महसूस हुआ कि यह किसी साधारण horror story in hindi जैसी घटना नहीं थी।

बंद फ्लैट

कुछ दिनों बाद जिज्ञासा उस पर हावी हो गई।

उसने तय किया कि अगली बार लिफ्ट जहाँ रुकेगी, वह बाहर जाकर देखेगा।

रात के ठीक बारह बजे वह फिर लिफ्ट में गया।

इस बार भी वही हुआ।

डिस्प्ले पर 13 लिखा।

दरवाज़ा खुला।

वह धीरे-धीरे बाहर निकला।

गलियारे में दोनों तरफ पुराने फ्लैट बने हुए थे।

सभी दरवाज़ों पर जंग लगी हुई थी।

सिर्फ एक फ्लैट खुला हुआ था—

1307

अंदर से किसी बच्चे के रोने की आवाज़ आ रही थी।

पुरानी तस्वीर

अमन फ्लैट के अंदर गया।

कमरे में पुराना फर्नीचर पड़ा था।

दीवार पर एक पारिवारिक तस्वीर टंगी थी।

उसने तस्वीर उठाई।

तस्वीर में एक परिवार खड़ा था।

लेकिन बीच में खड़े आदमी का चेहरा फटा हुआ था।

जैसे किसी ने जानबूझकर उसे मिटा दिया हो।

तभी पीछे से किसी ने धीरे से कहा—

"तुम बहुत देर से आए हो..."

अमन पलटा।

कमरा खाली था।

अचानक कमरे का दरवाज़ा अपने आप बंद हो गया।

मोबाइल का नेटवर्क गायब हो गया।

ऐसी घटनाओं को लोग अक्सर short horror story in hindi समझकर पढ़ते हैं, लेकिन जब इंसान खुद उनके बीच फँस जाए, तब हर सेकंड एक सज़ा जैसा लगता है।

डायरी का खुलासा

टेबल पर रखी एक डायरी में लिखा था कि कई साल पहले इस इमारत में आग लगी थी।

13वीं मंज़िल पूरी तरह जल गई।

मरने वालों की याद में उस मंज़िल को नक्शे से हटा दिया गया।

लेकिन इमारत ने उसे कभी नहीं भुलाया।

हर रात लिफ्ट उसी मंज़िल पर रुकती थी...

ताकि कोई नया मेहमान वहाँ पहुँच सके।

यहीं से इस mystery story hindi की असली शुरुआत होती है।

आखिरी सफर

अचानक पूरे फ्लैट में बच्चों के रोने की आवाज़ गूँजने लगी।

सभी दरवाज़े अपने आप खुल गए।

गलियारे में दर्जनों लोग खड़े थे।

उनके चेहरे जले हुए थे।

सभी एक साथ अमन की तरफ बढ़ने लगे।

अमन पूरी ताकत से भागा।

वह किसी तरह लिफ्ट तक पहुँचा।

दरवाज़ा बंद हुआ।

डिस्प्ले पर फिर वही नंबर चमका—

13

फिर...

12...11...10...

लिफ्ट नीचे आने लगी।

ग्राउंड फ्लोर पहुँचते ही दरवाज़ा खुला।

बाहर सिक्योरिटी गार्ड खड़ा था।

उसने घबराकर पूछा,

"तुम अंदर कैसे गए?

यह लिफ्ट तो पिछले दस मिनट से यहीं खड़ी है..."

अमन कुछ नहीं बोला।

उसने पीछे मुड़कर लिफ्ट की तरफ देखा।

अंदर वही बूढ़ी महिला मुस्कुरा रही थी।

धीरे-धीरे दरवाज़ा बंद हुआ...

और डिस्प्ले पर आखिरी बार 13 चमकने लगा।

आज भी स्काई हाइट्स के निवासी आधी रात के बाद लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करते।

कहा जाता है कि अगर लिफ्ट किसी ऐसी मंज़िल पर रुक जाए जो इमारत में मौजूद ही नहीं है, तो बाहर झाँकने की गलती मत करना।

क्योंकि कुछ मंज़िलें नक्शे से मिटाई जा सकती हैं...

यादों से नहीं।

शायद यही वजह है कि यह सिर्फ एक suspense story hindi नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए एक सच्चा डर है जिन्होंने उस लिफ्ट का दरवाज़ा खुलते देखा है।

पूरी कहानी पढ़ने के लिए यहाँ जाएँ:
Unexpected stories.in

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