ALL >> Beauty >> View Article
Hypopigmentation
चेहरे पर hypopigmentation के कारण
क्या आप जानते हैं कि पूरे वर्ल्ड मे 20 मे से 1 को hypopigmentation होता है। अगर नहीं तो इसकि पूरी जानकारी आपको इस के थ्रू मिल जाएगी। आपने सुना ही है लेकिन hypopigmentation क्या होता है?
ये पिग्मन्टैशन का ही एक रूप है जिसमे स्किन पर सफेद रंग के पैच नजर आते हैं। अब आपको आसान भाषा मे समझाते हैं कि हमारी स्किन मे एक pigment सेल होता है जिसे हम melanocytes कहते है।
स्किन मे मौजूद एक प्रोटीन मेलानिन के कारण बनता है। यही एक ऐसा तत्व है जो स्किन के कलर को चेंज ...
... करता है। मेलानिन के द्वारा ही स्किन, आखों और बालों का रंग चेंज होता है या फिर बनता है। या फिर सिम्पल भाषा मे कहे तो रंग मे बदलाव का कारण भी मेलानिन ही है।
जब स्किन मे मेलानिन नाम का प्रोटीन काम कम करता है तो स्किन पर कई तरह कि पिग्मन्टैशन प्रॉबलम पैदा हो जाती है। जैसे कि hypopigmentation।
ये कई बार genetic, और sun exposure के कारण से भी होता है। इसके अलावा कई लोगों मे ये पिग्मन्टैशन डिसॉर्डर के कारण भी होता है।
Causes:
Causes of Skin Pigmentation
Causes of Skin hypopigmentation
किसी चोट या फिर किसी भी प्रकार के ट्रीटमेंट के दौरान दवाइयों के साइड अफेक्ट से होने वाले असर से आपकि स्किन पर पैच बन जाते हैं। देखा जा सकता है।
sun exposer के दौरान ज्यादा वक्त बिताने पर स्किन को होने वाले नुकसान से भी स्किन का कलर चेंज होता है उसमे कई बदलाव आते है। जैसे कि कई बार चेहरे पर डार्क कलर के पैच पड़ना या फिर मोल होना भी एक प्रकार का hypopigmentation कहलाता है।
कई बार आपके शरीर मे कुछ केमिकल के बढ़ने से जैसे कि, अमीनो ऐसिड के बढ़ने से भी चेहरे पर पैच नजर आते हैं। अमीनो ऐसिड हमारे शरीर के ब्लड सेल मे घुल जाता है जिससे वो मेलानीन को भी प्रभावित करता है।
कई बार हमारी स्किन कुछ दवाइयों कि वजह से, sun exposure के कारण भी melanocytes के डैमिज होने का खतरा बढ़ जाता है। मेलानिन द्वारा निर्मित सेल melanocytes के डैमिज होने से ये समस्या चेहरे पर डार्क पैच पैदा हो जाते हैं।
Types of hypopigmentation:
types of hypopigmentation
types of hypopigmentation
Vitiligo:
विटीलिगों कई कारण से होता है जैसे कि uv रेज़ के संपर्क मे आने से स्किन पर patches होते है इसके अलावा sunburn के कारण भी ये निशान स्किन पर नजर आते हैं।
कई बार हमारा इम्यून सिस्टम इतना कमजोर होता है कि जिसकी वजह से एक साथ कई सारी बीमारिया हमारे शरीर को घेर लेती हैं। हमारा शरीर कमजोर पड़ जाता है जिसके कारण हमारा इम्यून सिस्टम भी खराब हो जाता है।
इम्यून सिस्टम के खराब होने से हमारी स्किन पर कई सारे bacteria पनपने लगते हैं और bacteria के खराब होने से स्किन टिशू को खतरा होता है और नतिजन विटीलगो जैसी समस्या चेहरे पर उभरकर आती हैं।
कई बार हमारे शरीर मे कुछ खान-पान और sun exposure के कारण मेलानिन कि शरीर मे कमी होने लगती है। जिससे स्किन को काफी नुकसान पहुचता है और चेहरे पर विटीलिगों कि समस्या बनी रहती है।
ज्यादातर मामलों मे ये 30 से पहले कि उम्र के लोगों मे पाया जाता है।
ये हमारे शरीर मे चेहरे पर मुंह के आस-पास, गर्दन पर और बालों के आस-पास भी पाया जाता है। इसके अलावा शरीर के अन्य हिस्सों पर जैसे कि हाथों और पैरों पर भी ये पाया जाता है।
Albinism:
एक प्रकार का ये स्किन पिग्मन्टैशन ही है। इसमे भी स्किन का कलर चेंज होता है। लेकीन ये जन्म से होता है, इसे एक तरह से आप बर्थ मार्क pigmentation कह सकते हैं।
जिसमे सबसे ज्यादा बच्चों को और 2 से 5 साल के बीच ही ये पाया जाता है। भारत मे इसके एक लाख से भी कम मरीज पाए जाते हैं।
इसका कोई भी ट्रीटमेंट नहीं हैं ये लंबे समय तक शरीर पर बने रहते है।
ज्यादातर इसमे बालों का रंग सफेद, सुनहरा और ब्लॉन्ड हो जाता है।
त्वचा का रंग पीला हो जाता है।
आखो से धुंधला दिखाई देने लगता है साथ ही सबसे ज्यादा प्रॉबलम तब होती है जब मेलानिन कि वजह से retina बढ़ने लगता है और हमे केवल धुंधला ही नजर आता बल्कि ये आखों मे अंधापन भी आ सकता है।
ये ज्यादातर आखों पर ही असर करता है। जिसके कारण स्किन कैंसर और sunburn से भी ज्यादा तेजी से स्किन मे फैलता है और बढ़ता है।
Pityriasis alba:
ये भी एक प्रकार का hypopigmentation ही होता है। कई बार बचपन के दौरान आपने देखा होगा कि कुछ बच्चों कि स्किन काफी डार्क कलर मे होती है और स्किन का रंग भी गायब हो जाता है।
कई बार ये eczema के तौर पर भी स्किन पर देखा जा सकता है। जैसे कि कई बार ये ज्यादातर आपकि बाहों मे और आपके चेहरे पर नजर आता है। कई बार ये बड़े होने पर भी दिखाई देता है। ये पर्मानेंट नहीं होते हैं थोड़े समय के बाद अपने आप हल्के हो जाते हैं।
Pityriasis verticolor: ये एक प्रकार का फंगल infection है। जो आपके चेहरे पर आपके पीठ के ऊपरी हिस्से पर, बाजू पर, पेट पर और आपकि चेस्ट पर नजर आ सकता है। ये ज्यादातर round और फ्लैट शैप मे स्किन पर नजर आता है। कई बार ये फैलता ही चला जाता है। 30 कि उम्र मे ये ज्यादातर पाया जाता है।
How can detect Hypopigmentation:
Ultraviolet lamp: ultraviolet lamp द्वारा vitiligo कि जांच कि जाती है। ये जांच लैब मे कि जाती है।
Electrodiagnostic testing: इसके through albinism alba कि जांच कि जाती है। ये आखों से ब्रैन तक एक रेज़ के द्वारा स्किन पर जांचा जाता है।
Taking a skin sample: कई बार स्किन के टिशू कि जांच करके भी टेस्टिंग कि जाती है जैसे कि pityriasis verticolor मे कि जाती है।
Treatment:
Skin Pigmentation Treatment
Hypopigmentation का treatment causes पर निर्भर करता है।
Albinism: इसमे कोई खास ट्रीटमेंट नहीं है बस uv रेज़ से बचने के लिए अपनी स्किन को कवर करना है और सन्स्क्रीन जेल का use करना है।
Vitiligo: इसमे कोई खास ट्रीटमेंट नहीं लिया जाता है बस स्किन के कलर को हल्का करने के लिए स्टेरॉइड क्रीम का use किया जाता है साथ ही कुछ मैकअप के साथ ही स्किन को बाहरी रूप से कवर किया जाता है।
Pityriasis alba: इसके ट्रीटमेंट मे कम मात्रा के स्टेरॉइड use किये जाते हैं।
Pityriasis versicolor: इसमे कोई खास ट्रीटमेंट नहीं है प्रॉडक्ट के तौर पर केवल antifungal क्रीम, शैम्पू, और कुछ tablets का भी use किया जाता है। लेकिन इन सब चीजों का इस्तेमाल करके hypopigmentation को दूर तो नहीं किया जा सकता है। बस चेहरे के रंग मे थोड़ा सा ही फर्क आता है।
Summary:
conclusion of hyperpigmentation on face
conclusion of hyperpigmentation on face
hypopigmentation pigmentation का ही एक रूप है। इसमे स्किन कि condition खाफी खराब होती है। स्किन का रंग सफेद होने के साथ पीला हो जाता है और ये बालों पर भी असर डालता है। कभी-कभी आखें भी इससे ज्यादा प्रभावित होती है और उनके रंग मे भी फर्क नजर आता है।
इसके ट्रीटमेंट के प्रॉडक्ट के तौर पर केवल एंटीफंगल शैम्पू, क्रीम, और tablets के साथ स्टेरॉइड क्रीम का भी use किया जाता है। crucial condition मे इसमे लेसर ट्रीटमेंट भी use किया जाता है। Devriz professional के प्रोडक्ट का उपयोग कर सकते हो|
FAQ:
1. Hypopigmentation मे क्या ट्रीटमेंट use किया जाता है?
Answer: hypopigmentation मे ज्यादातर स्टेरॉइड और लेसर ट्रीटमेंट use किये जाते हैं।
2.क्या स्टेरॉइड कि मदद से hypopigmentation पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है?
Answer: पूरी तरह से ठीक तो नहीं किया जा सकता बस उसे हल्का किया जा सकता है।
3. लेसर थेरपी से कितना ठीक होता है?
Answer: laser थेरपी से कुछ केस मे 82% तो कुछ मे केवल 62% ही ठीक होता है।
5.इसमे कौन से प्रॉडक्ट use किये जाते हैं?
Answer: इसमे केवल स्टेरॉइड क्रीम, एंटी फंगल क्रीम, शैम्पू और tablets का ही use किया जाता है और मैकअप के तौर पर ऑर्गैनिक बेस्ड मैकअप प्रॉडक्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं। जो स्किन को होने वाले हार्मफुल केमिकल रिएक्शन से बचा सके।
Add Comment
Beauty Articles
1. A Buyer’s Guide To Heavy-duty Transport VehiclesAuthor: Amay Guru
2. Top Factors To Consider Before Partnering With Body Lotion Manufacturers
Author: Cremon Cosmetics
3. Skin Care Product Manufacturer In India | Oem & Contract Manufacturing
Author: SS LifeScience Labs
4. How To Choose The Perfect Asian Wedding Makeup Look For Your Big Day
Author: Tina Prajapat
5. How A B.voc In Beauty & Wellness Builds A Strong Foundation For A Successful Beauty Career
Author: UKIBS
6. Full Body Polish Huntsville
Author: Moons Day Spa
7. Why More People Are Choosing Hyaluronic Acid Serum Over Heavy Skincare Routines For Long-lasting Hydration
Author: Vaibhav Sharma
8. Confidence Restored, Hair Renewed: The Dynamic Clinic Difference In Hair Restoration
Author: Dynamic Clinics
9. استعيدي توهج بشرتك: التقشير الكيميائي لعلاج شحوب الوجه في الرياض
Author: MONA
10. Why Partnering With A Mouthwash Contract Manufacturer Can Accelerate Brand Growth
Author: Kit Wilkins
11. How Cosmetics Private Label Services Help Brands Launch Products Faster
Author: Kit Wilkins
12. Teen Skin Treatments For Blackheads, Whiteheads, And Pimples
Author: John Shawn
13. How To Prepare For Your First Laser Hair Removal Session
Author: John Shawn
14. Everything You Need To Know About Blepharoplasty Eyelid Surgery
Author: Ciplasticsurgery
15. Advancing Aesthetic Excellence For Improved Patient Confidence
Author: Ciplasticsurgery






