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<title>123ArticleOnline.com: aarti prajapat</title><link>https://www.123articleonline.com/rss/author/364630/aarti-prajapat</link><description>Articles written by aarti prajapat from 123ArticleOnline.com</description><language>en-us</language><copyright>Copyright (c) 123ArticleOnline.com All rights reserved.</copyright>
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<title>12 राशियों का साल 2023 कैसा रहेगा? भविष्यफल जानिए पं. प्रेम कुमार शर्मा से</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1328614/12-2023</link>
<description>Yearly Horoscope 2023 : नए साल के नए सितारे, शुभ अंक और शुभ रंग

साल 2022 की विदाई के साथ आरंभ हो रहा है नया साल 2023, इस साल को लेकर बहुत सारे सवाल हैं बहुत सारी भविष्यवाणियां, वेबदुनिया आपके लिए देश के जानेमाने ज्योतिषाचार्य पंडित Dr. Prem Kumar Sharma की predictions लाया है। आइए कम शब्दों में जानते हैं बड़ी बातें अपने भविष्य के बारे में, पं. प्रेम कुमार शर्मा से... Horoscope for the year 2023... Yearly Horoscope 2023 : नए साल के नए सितारे, शुभ अंक और शुभ रंग Astrology 2023 Predictions</description>
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<title>26 दिसंबर को विनायकी चतुर्थी व्रत के शुभ मुहूर्त, मंत्र और पूजा विधि</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1327588/26</link>
<description>Vinayaka Chaturthi 2022 : प्रतिमाह शुक्ल पक्ष में आने वाली चतुर्थी को विनायकी चतुर्थी व्रत कहते हैं। यह तिथि भगवान श्री गणेश (Lord Ganesha) को समर्पित है। यह भगवान श्री गणेश की तिथि होने से इस दिन उनका पूजन करने से घर में धन, सुख-समृद्धि और हर मनोकामना पूर्ण करने वाली यह चतुर्थी मानी गई है। आइए जानते हैं इस व्रत के बारे में-</description>
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<title>candlestick prediction in hindi : रंगबिरंगी मोमबत्ती बताती है आपका सुनहरा भविष्य</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1326264/candlestick-prediction-in-hindi</link>
<description>Candles Astrology : मोमबत्ती भी बताती है आपका नसीब, पढ़ें रोचक जानकारी  मोमबत्ती से भविष्य जानने की पद्धति रोम की विरासत मानी जाती है। इसकी बुनियाद प्रभु यीशू के महाप्रयाण के बाद मिलती है, जब उनके कुछ अनुयायियों ने उनका पता लगाने का प्रयास किया। कालांतर में यह पद्धति विकसित होकर विश्व के अनेक भागों में फैल गई।</description>
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<title>January Birthday Astrology : साल के पहले महीने जनवरी में आता है बर्थ डे, तो जान लीजिए कैसे हैं आप</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1328615/january-birthday-astrology</link>
<description>क्या आपका बर्थ डे जनवरी में है? जानिए आपकी कमियां और खूबियां

January Birthday : जनवरी माह में जन्म लेने वाले व्यक्ति कैसे होते हैं? जनवरी में जन्मे जातक खुशमिजाज व्यक्तित्व के धनी होते हैं और उनमें इंसान को पहचानने की विलक्षण शक्ति होती है। आइए जानते  हैं और भी बहुत कुछ... January Birthday Facts</description>
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<title>अमृत मंथन का पहाड़ कहां चला गया?</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1326693/</link>
<description>कहते हैं कि क्षीरसागर में ही समुद्र मंथन हुआ था। इस मंथन के दौरान मंदरांचल पर्वत को मथनी और वासुकी नाग को रस्सी बनाया गया था। देवता और और दैत्यों ने मिलकर इस पहाड़ के द्वारा समुद्र को मंथन किया था। इस मंथन से पहले कालकूट नामक विष निकलने के बाद 14 तरह के अद्भुत चीजें प्राप्त हुई थी जिसमें अंतिम था अमृत। लेकिन जिस पहाड़ को मथनी बनाकर मंथन किया था वह पहाड़ वर्तमान में कहां है?</description>
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<title>आखिर गीता में क्या खास है?</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1326096/</link>
<description>हरियाणा के कुरुक्षे&#226;त्र में जब यह ज्ञान दिया गया तब मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की तिथि एकादशी थी। उस दिन रविवार था। कहते हैं कि उन्होंने यह ज्ञान लगभग 45 मिनट तक दिया था। अर्जुन के नन्दिघोष नामक रथ पर सारथी के स्थान पर खड़े होकर श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश किया था। कहते हैं प्रथम दिन का उपदेश प्रात: 8 से 9 बजे के बीच हुआ था। बाद के उपदेश कैंप में होते थे।</description>
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<title>आदिगुरु भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरु कौन थे जानिए उनके शुभ संदेश</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1325926/24</link>
<description>भगवान दत्तात्रेय (Lord Dattatreya) के अनुसार हमें जिस किसी से भी जितना सीखने को मिले, अवश्य ही सीखना चाहिए तथा उसे अपने आचरण में उतारने का प्रयत्न भी अवश्य ही करना चाहिए।</description>
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<title>कहीं आपने पन्ना और पुखराज साथ तो नहीं पहन रखा है?</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1327415/</link>
<description>हर ग्रह का अपना एक रत्न होता है। यदि आपने आपसी शत्रु ग्रहों को रत्न एक साथ पहन रखा है तो फिर आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। जैसे शनि और सूर्य का रत्न एक साथ नहीं पहनते हैं। ज्योतिष के अनुसार रत्नों को उनकी राशि के साथ ही कुंडली में स्थित ग्रहों की स्थिति जानकर ही पहनना चाहिए क्योंकि यह नुकसानदायक भी हो सकते हैं। आओ जानते हैं कि यदि आपने पुखराज और पन्ना पहन रखा है तो क्यों हो जाएं सावधान और क्या होगा नुकसान।</description>
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<title>क्रिसमस पर्व की 10 परंपराएं, जिनके बिना अधूरा है Christmas Festival</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1327587/10-christmas-festival</link>
<description>ईसाई धर्म का सबसे बड़ा त्योहार है क्रिसमस। इस दिन प्रभु ईसा मसीह का जन्मदिन मनाया जाता है। कहते हैं कि ईसा मसीह जिन्हें जीसस क्राइस्ट और यीशु भी कहते हैं, का जन्म 25 दिसंबर 6 ईसा पूर्व हुआ था। उनके जन्मोत्सव पर खास तरह की परंपराओं का पालन करते हैं जो कि वक्त के साथ इस पर्व से जुड़ती गई। आओ जानते हैं उन्हीं में से खास 10 परंपराएं, जिनके बगैर अधूरा है क्रिसमस का पर्व।</description>
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<title>खर मास के सटीक उपाय, पवित्र महीने में जरूर आजमाएं</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1327176/</link>
<description>Kharmas 2022: इन दिनों खर मास चल रहा है तथा इसका धार्मिक महत्व भी बहुत है। ज्योतिष के अनुसार सूर्यदेव जब धनु राशि में प्रवेश करते है, तब खर मास प्रारंभ होता है। तथा इन दिनों शुभ कार्य जैसे- नूतन गृह प्रवेश, विवाह, मुंडन, कर्ण छेदन, आदि कई मांगलिक कार्यों को न करने की मनाही है, लेकिन इस महीने दान तथा पुण्&#226;य के कुछ खास उपाय करना चाहिए। आइए जानते हैं-</description>
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<title>गीता के 18 अध्याय में क्या लिखा है?</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1326097/18</link>
<description>Bhagavad gita summary : हिन्दुओं का धर्मग्रंथ है चार वेद, वेदों का सार है उपनिषद और उपनिषदों का सार है गीता। इसीलिए श्रीमद्भगवद गीता हिन्दुओं का सर्वमान्य ग्रंथ है। महाभारत के 18 अध्यायों में से 1 भीष्म पर्व का हिस्सा है भगवत गीता। गीता में भी कुल 18 अध्याय हैं। 18 अध्यायों की कुल श्लोक संख्या 700 है। आओ जानते हैं कि गीता के 18 अध्याय में क्या लिखा है?</description>
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<title>घर की इस दिशा में रखें गहने, हर दिशा से आएगी धन-समृद्धि</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1327414/-</link>
<description>Gold Jewellery वास्तु टिप्स : अच्छे गहनों की चाह हर महिला को पसंद होती है, क्योंकि आभूषण जहां बुरे समय में हमारे काम आते हैं, वहीं वे सुंदरता में चार चांद भी लगाते हैं। जानिए यहां घर की किस दिशा में रखें अपने कीमती गहने कि घर में हमेशा बनी रहे सुख-समृद्धि। Jewellery Tips</description>
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<title>चाणक्य के महिलाओं के बारे में 13 विचार और नीतियां</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1326265/13</link>
<description>चाणक्य ने महिलाओं के बारे में कई बातों का उल्लेख अपनी चाणक्य नीति की पुस्तकों के अलावा अन्य पुस्तकों में भी किया है। इनमें से कई बातों से हम असहमत हो सकते हैं और कई से सहमत। चाणक्य यह यह बातें उस काल की स्थिति और परिस्थिति को देखकर लिखी थी। अब काल बदल चुका है। आओ जानते हैं चाणक्य के महिलाओं के संबंध में विचार।</description>
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<title>भगवान विष्णु के 24 अवतार का महत्व और मंत्र</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1327001/24</link>
<description>Lord Vishnu avatars : आइए यहां जानते हैं भगवान विष्णु के 24 अवतारों और उनके महत्व के बारे में। हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को सृष्टि के पालनहार के रूप में पूजा जाता है तथा नारायण और हरि के नाम से प्रसिद्ध विष्णु जी हमें धन-समृद्धि, सुख-शांति और ऐश्वर्य तथा आरोग्य देते हैं। आइए जानते हैं उनके अवतार और मंत्र-
Avatars of lord vishnu</description>
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<title>भगवान शिव की तीसरी आंख का क्या है राज?</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1325925/</link>
<description>Shiv Ji Ki tisri Aankh: भगवान शिव की तीसरी आंख का पुराणों में वर्णन मिलता है। उनके सभी चित्र और मूर्तियों में उनके माथे पर एक तीसरी आंख का चित्रण भी किया जाता रहा है। इसीलिए उन्हें त्रिलोचन भी कहते हैं। त्रिलोचन का अर्थ होता है तीन आंखों वाला क्योंकि एक मात्र भगवान शंकर ही ऐसे हैं जिनकी तीन आंखें हैं। उस आंख से वे वह सबकुछ देख सकते हैं जो आम आंखों से नहीं देखा जा सकता। आओ जानते हैं उनकी तीसरे नेत्र का रहस्य।</description>
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<title>भारत के 10 प्रसिद्ध जैन मंदिर, नए साल पर करें दर्शन</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1328159/10</link>
<description>नया वर्ष 2023 प्रारंभ होने वाला है और यदि आप इस नववर्ष को बहुत ही शुभ बनाना चाहते हैं तो अपने क्षेत्र के जैन मंदिरों में जाकर ध्यान या प्रार्थना जरूर करें। यदि आप हमारे बताए देश के खास 10 मंदिरों में जाएंगे तो और भी बेहतर होगा। नये साल में 10 खास जैन मंदिरों में जाकर आप पूरे साल को शुभ बना सकते हैं।</description>
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<title>मंगलग्रह मंदिर में मन की अलौकिक शांति का अनुभव हुआ- डॉ. के.जे. श्रीनिवास</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1330898/-</link>
<description>वेस्ट इंडीज में भारत के राजदूत डॉ. के.जे. श्रीनिवास ने किए मंगलदेव के दर्शन</description>
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<title>मंगलवार को बजरंगबली की शुभ मुहूर्त में इस विधि से करें पूजा, मिलेगी मनचाही सफलता</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1327175/</link>
<description>प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ना चाहिए और मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर जाकर हनुमानजी की पूजा करना चाहिए। मंगलवार के दिन हनुमानजी की पूजा का खासा महत्व होता है। शुभ मुहूर्त में और अच्&#226;छे तरीके से विधिवत रूप से उनकी पूजा करने के साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। आओ जानते हैं हनुमान पूजा की सरल विधि।</description>
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<title>मीन राशिफल 2023 : नया साल क्या लाया है आपके लिए?</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1328160/2023</link>
<description>रोमांस के लिए साल चुनौतियां लेकर आएगा, धन समझदारी से खर्च करें</description>
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<title>रुक्मणी अष्टमी कब है, कैसे किया जाता है? जानिए कथा, मंत्र, महत्व, शुभ योग और मुहूर्त</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1326692/</link>
<description>Rukmini Ashtami 2022 : इस बार शुक्रवार, 16 दिसंबर 2022 को रुक्मिणी अष्टमी पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन देवी रुक्मिणी के साथ भगवान कृष्ण का पूजन करने का महत्व है। आइए जानते हैं यहां रुक्मिणी अष्टमी के बारे में- Rukmini Ashtami 2022 Date and Shubh Muhurat</description>
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<title>लोहड़ी उत्सव कब है, क्यों मनाया जाता है?</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1327002/</link>
<description>Lohri 2023 : अगले वर्ष 2023 में लोहड़ी का उत्सव कब मनाया जाएगा। लोहड़ी का पर्व क्यों मनाया जाता है। किस राज्य और किस समाज का यह प्रमुख पर्व माना जाता है। क्या अर्थ होता है लोहड़ी का? आओ जानते हैं कि आखिर क्या है लोहड़ी महोत्सव या त्योहार पर्व की खासियत और किसकी करते हैं इस दिन पूजा।</description>
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<title>षटतिला एकादशी क्यों और कौनसे 6 कार्य करते हैं?</title>
<link>https://www.123articleonline.com/articles/1330897/6</link>
<description>Shat Tila Ekadashi Fast : माघ माह की ग्यारस को षटतिला एकादशी कहते हैं। अंग्रेजी माह के अनुसार 18 जनवरी को षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। तिल के 6 प्रयोग के कारण ही इसे षटतिला एकादशी नाम दिया गया है। इस दिन विधिवत व्रत रखकर तिल के 6 उपाय जरूर करना चाहिए क्योंकि इसके कई फायदे हैं।</description>
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